मैं शिव हूं
मैं सब हूं
मैं सब कुछ हूं
मैं कुछ नहीं हूं
मैं कुछ होने के ऊपर हूं
मैं सब से ऊपर हूं
मैं शिव हूं
मैं अजन्मा हूं
मैं अमर हूं
जन्म, मृत्यु,
सब से परे हूं
सब के भीतर हूं
मैं सब में हूं
मैं कही नही हूं
मैं आसक्त हूं
मैं निरासक्त हूं
मैं संपूर्ण हूं
मैं रिक्त भी हूं
मैं तारक हूं
मैं मारक भी हूं
मैं पालक भी हूं
मैं नाशक भी हूं
मैं शांति भी हूं
मैं तांडव भी हूं
मैं शिव हूं
मैं शिव हूं
मैं विश्व हूँ
मैं विनाशक हूँ
मैं रचयिता हूँ
मैं शिव हूँ
शिवरात्रि पर श्रद्धा पूर्ण नमन
महा शक्ति शिव को

Very effective and beautifully written
ReplyDeleteVery beautiful ly composed
ReplyDeleteReally appreciable & Good Mythological description. Marvelous
ReplyDeleteThis is amazing feeling blessed Om Namah Shivaya
ReplyDeleteVERY NICELY WRITTEN 👌
ReplyDeleteComposition in praise of Lord Shiva on the occassion of Shivratri is mesmerizing. Lot of appreciation for this poetic presentation.
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