पापा, अब घर चलो

 

पापा, अब घर चलो 

कमरा बहुत ठंडा है, 
तुम्हे ठण्ड लग जाएगी 
और जानते हो, 
मैं भी बीमार पड़ूँगी। 

अब तो उठो, 
पापा, अब घर चलो। 

पापा, तुम ऐसे सोये हो, 
अच्छा नहीं लग रहा 
ना बोलते हो, ना  ही डांटते हो, 
उठो, कुछ बात करो, चलो घर चलो। 

बदन पर बहुत सारी तारें लगी,
पापा, उठो , डाक्टर को बोलो, सब खोल दे। 
तुम्हारी गाड़ी दरवाज़े पर खड़ी है, 
अब कपड़े पहन लो, मेरे साथ घर चलो। 

घर पर माँ बैठी है 
तुम्हारे लिए खाना पकाए।
घर पर छोटी बच्ची रोती है, 
दद्दू कब आएंगे?
कब मुझसे झगड़ेंगे?
मुझे उनसे झगड़ना  है,
उनकी गोदी में खेलना है, 
दद्दू , को घर लाओ, 
नहीं झगड़ूंगी, पर उनको लाओ।  

पापा, और कितनी देरी करोगे, 
तुमने तो बोला था अकेले कहीं नहीं जाओगे। 
और मैं कब से खड़ी हूँ, 
चलो, अब घर चलो.
चलो, मेरे पास बैठो, 
चलो, अब तो घर चलो। 


*******

No comments:

Post a Comment

Know Thyself. Only You know yourself through your internal Potency

Know Contents; Know Me; Know Us